आप जो सोचते हैं क्या वो वाकई में आप सोचते हैं – Himanshu Kumar

Hillele

Himanshu

आप जो सोचते हैं क्या वो वाकई में आप सोचते हैं

या आपकी परम्परा सोचती है

आप मुस्लिम परिवार में पैदा हुए तो आप मुस्लिम की तरह सोचते हैं
आप ईसाई परिवार में पैदा होते हैं तो ईसाई की तरह
हिंदू परिवार में पैदा होते हैं तो हिंदू की तरह ही सोचते हैं

तो आप नहीं सोच रहे दरअसल आप सोच की परम्परा का बस एक पुर्जा ही हैं

आप अगर दस हज़ार साल पहले पैदा हुए होते तो आप आज जैसे नहीं सोच सकते थे

मतलब आप सोचने की परम्परा की अगली कड़ी मात्र हैं

विचार धारा पीढ़ी दर पीढ़ी सफर करती हुई आप तक आई है

अब ये विचारधारा आप में से गुज़र कर अगली पीढ़ी में पहुँच जायेगी

आपके माध्यम से
अब तक की विज्ञान की सारी तरक्की
लोकतान्त्रिक विचारधारा का सारा विकास
सभी अच्छी बातें अगली पीढ़ी तक पहुँच ही जायेंगी

लेकिन अगर आपका जनम धार्मिक…

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